एक दुनिया अलग बनाना है

मेहनत हम करते जाएंगे मुश्किलों से लड़ते जाएंगे,
ना कभी हटेंगे पीछे हम एक दुनिया अलग बनाएंगे,
एक ऐसी दुनिया जहां बेईमानी को कोई जाने ना,
मन साफ हो निर्मल गंगा सा झूठ द्वेष कोई माने ना।

ऐसे सपने को लेकर आज हम निकल पड़े है राहों में,
है क्षमता मुझ में लड़ने कि और है शक्ति मेरे बांहों में,
मै पीछे ना हटना चाहूंगा मै आगे बढ़ता जाऊंगा,
सपना लेकर मै आया हूं एक दुनिया अलग बनाऊंगा।

राहों में मुश्किल बहुत है पर मंज़िल पे मुझको जाना है,
जहां कोई ग़लत को चाहे ना एक दुनिया अलग बनाना है,
लाख ये दुनिया हसती है दुनियां को हसते रहने दो,
तुम पथ पे बस चलते जाओ जो कहती है इसे कहने दो।


                                                - आदित्य कुमार

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