मां
धरती पे मुझको लाके,
तूने भाग्य मेरा बनाया है,
मां मेरी तूने मुझको,
राहों पे चलना सिखलाया है।
एक जीवन में भी लिख सकता,
तेरे ममता की बात नहीं,
मा तेरे परोपकार गिन के लिख दूं,
मेरे कलमों कि औकात नहीं।
सब जगह ना ईश्वर जा सकते,
तो तेरा रूप बनाया है,
स्वयं प्रभु ने तुझको मा,
खुद से ऊंचा बतलाया है।
ईश्वर से मेरी कामना है,
तू सदा ही मेरे साथ रहे,
स्वयं काल भी भय खाता,
जिसपे मा तेरा हाथ रहे।
ईश्वर से मैंने मागा जो,
मेरी वरदान तो तू ही है,
मुझको धरती पे लाने वाली,
मेरी भगवान तो तू ही है।
मां मेरी तू सबसे प्यारी,
तेरी महिमा अपरम्पार,
मां ही दुर्गा मां ही काली,
बिन मां के कैसा संसार।
- आदित्य कुमार
Comments
Post a Comment