गुरुवर तुम्हें प्रणाम
गुरु बिन सुना आसमान है
गुरु का करते रहे सम्मान
गुरु बिन ना बनते इन्सान
गुरुवर तुम्हे प्रणाम -2
जीना हमको सिखलाया है,
अच्छा बुरा सब बतलाया है,
अमर रहे सदा आपका नाम
गुरुवर तुम्हे प्रणाम-2
हम तो थे भूमि के कीड़े
हमको उड़ना सिखलाया है,
सही ग़लत सब बतलाया है,
आप ही मेरे भगवान,
गुरुवर तुम्हे प्रणाम-2
ब्रह्मा विष्णु और महेश,
सिंधु और जलपति गणेश,
सब का रूप तुम्हारे अंदर,
तुम हो ज्ञान के महा समंदर,
शिक्षा का देके वरदान,
जिसका चुका सके ना दाम,
अमर रहे सदा आपका नाम,
गुरुवर तुम्हे प्रणाम।
- आदित्य कुमार
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