विद्या देने वाली मईया

आगया वो पर्व फिर से,
हम सब को जिसका था इंतज़ार,
हर छात्र के खातिर महत्वपूर्ण है,
सरस्वती पूजा का त्योहार,

साल में एक बार है आती,
विद्या देने वाली मा,
ज्ञान की देवी वीणा धारणी,
विद्या देना हमे सदा,

कृपा बनाए रखना मा,
हर कपट से हमे बचाना तुम,
विनती तुमसे हे मईया,
हम पे सदा ज्ञान बरसाना तुम,

छात्रों की तुम एक भगवान,
कर लो विनती स्वीकार हमारा,
तुझ पे ही हम सब निर्भर है,
मै तू केवल एक सहारा,

मईया हम तेरे बाल भक्त,
करते रहे सदा गुणगान,
विद्या की देवी सरस्वती माता,
चरणों में मेरा प्रणाम।।

                 - अदित्य कुमार
                    "बाल कवि"

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