अपना हिंदुस्तान सुनो।
जहां रामायण और गीता है,
रहता है जहां कुरान सुनो,
सारी दुनिया में सबसे अलग है,
अपना हिंदुस्तान सुनो।
जहां गंगाजल की धारा है,
आबे जमजम का पाक सुनो,
ज्वाला जैसे देहों के....
हृदय में प्रेम का वास सुनो,
जहां मान सुनो अभिमान सुनो,
तुम देश प्रेम का गान सुनो,
मानवता जहां का प्रथम धर्म,
वो अपना हिंदुस्तान सुनो!
जहां राम सुनो रहमान सुनो,
अल्लाह सुनो भगवान सुनो,
सारी दुनिया में सबसे अलग है,
अपना हिंदुस्तान सुनो।
विष घोटक है शंकर जैसा,
मुख पे अमृत नारायण सा,
है मधुर बांसुरी कान्हा की,
और चक्र सुदर्शन माधव का,
जहां हर बाला मे सीता है,
हर बालक मे है राम सुनो,
है देव भूमि ये देश हमारा,
अपना हिंदुस्तान सुनो!
देवों का ये संरचना है,
देवों का है ये प्राण सुनो,
सारी दुनिया में सबसे अलग है,
अपना हिंदुस्तान सुनो।
सम्राट अशोक का भारत ये,
है पृथ्वी राज का महारत ये,
ये महाराणा का जीवन है,
और वीर शिवा का प्राण है ये,
जिसके मिट्टी के कण कण से,
तुम वीरों का बलिदान सुनो,
कितने बलिदानों के बदले है,
अपना हिंदुस्तान सुनो,
लक्ष्मीबाई वीरांगना ने,
धरा प्रति दिया प्राण सुनो,
सारी दुनिया में सबसे अलग है,
अपना हिंदुस्तान सुनो।
आजाद की आजादी सुनलो,
और सुनो शहादत वीरों की,
भारत माता की धरती से,
है क्या ही मुहब्बत वीरों की,
भगत सिंह, सुखदेव सुनो,
और राज गुरु का नाम सुनो,
जिसे मिला शहीद-ए-आजम था,
वो अपना हिंदुस्तान सुनो,
वर्दी वाले पुजारियों का,
है ये पुण्य स्थान सुनो,
लहू के हर कतरे के बदले,
अपना हिंदुस्तान सुनो।
- आदित्य कुमार
(बाल कवि
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