उस दिनकर को करें प्रणाम

हमको रश्मिरथी पढ़ाकर,
व्यथित कर्ण की गाथा गाकर,
महाभारत का दृश्य दिखाकर,
क्या है सनातन? अर्थ बताकर,
गीत साहित्य का हर पल गाकर,
कविता मे ब्रह्मांड दिखाकर,
कण कण में साहित्य बसा कर,
राष्ट्र भक्ति का गीत सुनाकर
और वीरों की गाथा गाकर,
अमर जो कर गए अपना नाम,
उस दिनकर को करें प्रणाम।
ज्वाला की स्याही से लिखकर,
शब्दों को चिंगारी बनाकर,
जिसने हमें साहित्य सिखाकर,
धन्य किया क्रांति को गाकर,
मिट ना सकेगा उनका नाम,
उस दिनकर को करें प्रणाम।।

🌹❣️राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर अमर रहें।।❣️🌹

          - आदित्य कुमार
               (बाल कवि)
              




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