सारे विश्वगुरु बैठे है हिंदुस्तान में

ताकत में अमेरिका आगे 
विकसित है जापान रे
लेकिन सारे विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में 

HDI में स्विट्जर, नॉर्वे 
GNH भूटान में
लेकिन सारे विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में 

यहां मीडिया नेताओं का महिमामंडन गाती है
प्रश्न करो जो सही अगर तो माइक छीन ले जाती है

मारे गए सारे 
हिसाब जिन्होंने मांगा शान से
क्योंकि सारे विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में

अरबों का ही टैक्स कलेक्शन
जेब भरो अभियान में
क्योंकि सारे विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में 

अस्पताल में रोगी मरता बिना दवा और बेड के 
कभी कभी तो जिन्दा को ही कह देते है डेड है 

स्कूल के छत से दबकर 
बच्चों की जाती जान है 
लेकिन सारे ही विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में 

संसाधन है शून्य 
आबादी छूती आसमान है 
क्योंकि सारे विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में 

जात धर्म और ऊंचा नीचा अब भी हर घर चलता है 
किसी को आरक्षण मिलता तो हाथ कोई बस मलता है

अब भी हमसे हो न पाया 
हर कोई एक सामान रे 
क्योंकि सारे विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में 

आज भी तंगी से 
मर जाता खेत में कोई किसान है 
क्योंकि सारे विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में 

जब मन होता ट्रंपवा को तब कर देता बेइज्जती है 
मगर हमारी छुई मुई हर बात पे ही हंस देती है 

चीन हमारे बाद आजाद 
पहुंचा दूजे स्थान पे 
लेकिन सारे विश्वगुरु 
बैठे है हिंदुस्तान में 

चांद छू लिया बड़ी बात है 
जड़ा यहां भी ध्यान दे 
वरना विश्वगुरु रह जाएंगे 
बस हिंदुस्तान में....

             – आदित्य कुमार 
                  (बाल कवि)

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